अध्याय 6. ऊतक

अध्याय 6. ऊतक ncert solutions class 9

TR MOHIT GAUTAM

8/26/20241 min read

अध्याय 6. ऊतक

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प्रश्न 1. ऊत्तक क्या है?

उत्तर: ऊत्तक : कोशिकाओं का वह विशिष्ट समूह जो शरीर के अंदर एक निश्चित कार्य को, एक निश्चित स्थान पर संपन्न करता है उत्तक कहलाता है।

प्रश्न2. बहुकोशिक जीवों में उत्तको का क्या उपयोग है?

उत्तर: बहुकोशिकीय जीवो में लाखों कोशिकाएं होती है। क्योंकि विभिन्न प्रकार के ऊत्तक विभिन्न प्रकार के कार्य को सम्पन्न करते हैं। अत: कोशिकाओं का एक विशेष समूह केवल एक ही विशेष कार्य को अति दक्षतापूर्वक संपन्न करता है। इसलिए बहुकोशिकीय जीवो में श्रम विभाजन होता ¢ | बहुकोशिकीय जीवों में उत्तक अनेक

कार्य करते हैं : जैसे भोजन और पानी को एक जगह से टूसरी जगह ले जाना।

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प्रश्न1. सरल उत्तकों के कितने प्रकार हैं?

उत्तर: सरल उत्तकों के तीन प्रकार हैं-

1. पेरेन्काइमा

2. कॉलेन्काइमा

3. स्क्लेरेन्काइमा

प्रश्न2. प्ररोह का शीर्षस्थ विभज्योतक कहां पाया जाता है?

उत्तर: प्ररोह का शीर्षस्थ विभज्योतक जड़ों एवं तनों के वृद्धि वाले भागों में पाया जाता है।

प्रश्न3. नारियल का रेशा किस ऊत्तक का बना होता है?

उत्तर: नारियल का रेशा स्क्लेरेन्काइमा ऊतक का बना होता है।

प्रश्न4. फ़्लोएम के संघटक कौन-कौन से हैं?

उत्तर: चालनी नलिका (Sieve tubes), सभी कोशिकाएँ, फ़्लोएम पैरेन्काइमा तथा फ़्लोएम रेशे फ़्लोरम के संघटक हैं।

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प्रश्न1. उस ऊतक का नाम बताएँ जो हमारे शरीर में गति के लिए उत्तरदायी है?

उत्तर: पेशीय ऊतक हमारे शरीर में गति के लिए उत्तरदायी है। यह लंबी कोशिकाओं का बना होता है।

प्रश्न2. न्यूरॉन देखने में कैसा लगता है?

उत्तर: प्रत्येक न्यूरॉन में एक लंबा प्रवर्ध होता है, जिसको एक्सॉन कहते हैं तथा बहुत सारे छोटी शाखा वाले प्रवर्ध होते हैं। जो देखने में पूंछ सहित तारे के आकार का लगता है।

प्रश्न3. हृदय पेशी के तीन लक्षणों को बताएं।

उत्तर: हृदय पेशी के तीन लक्षण :

1. ये पेशियां अनैच्छिक पेशियां हैं। इनकी गति को इच्छानुसार प्रारंभ या बंद नहीं किया जा सकता।

2. ये पेशियां जीवनभर लयबद्ध होकर प्रसार एवं संकुचन करती रहती हैं।

3. ये पेशियां बेलनाकार, शाखाओं वाली और एक केंद्रकीय होती हैं।

प्रश्न4. एरियोलर उत्तक के क्या कार्य हैं।

उत्तर: एरियोलर उत्तक के निम्नलिखित कार्य हैं:

1. यह उत्तक आंतरिक अंगों को सहारा प्रदान करता है।

2. यह अंगों के भीतर की खाली जगह को भरता है।

3. यह उत्तकों की मरम्मत में सहायता करता है।

अभ्यास के प्रश्न और उत्तर

प्रश्न1. उत्तक को परिभाषित करें।

उत्तर: उत्तक कोशिकाओं का समूह होता है जिसमें कोशिकाओं की संरचना तथा कार्य एक समान होते हैं।

प्रश्न2. कितने प्रकार के तत्व मिलकर जाइलम उत्तक का निर्माण करते हैं? उनके नाम बताएं।

उत्तर: जाइलम उत्तक का निर्माण चार प्रकार के तत्वों से होता है:

1.जाइलम ट्रैकीड् (वाहिनिका),

2. वाहिका,

3. जाइलम पैरेन्काइमा और

4. जाइलम फाइबर (रेशे)

प्रश्न 3: पौधों में सरल उत्तक जटिल उत्तक से किस प्रकार भिन्न होते हैं?

उत्तर:

  1. सरल उत्तक में कोशिकाएं जीवित होती हैं, जबकि जटिल उत्तक में कोशिकाएं मृत होती हैं।

  2. सरल उत्तक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं, जबकि जटिल उत्तक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं।

  3. सरल उत्तक पौधे को सहायता प्रदान करते हैं, जबकि जटिल उत्तक पानी और खनिज लवण को पौधों के ऊपरी भाग तक पहुंचाते हैं।

  4. सरल उत्तक के उदाहरण हैं: पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा, जबकि जटिल उत्तक के उदाहरण हैं: ज़ाइलम और फ़्लोएम।

प्रश्न4. कोशिकाभित्ति के आधार पर पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा के बीच भेद स्पष्ट करें।

उत्तर: पैरेन्काइमा (Parenchyma) : पैरेंकाइमा उत्तक की कोशिकाओं की कोशिका भित्ति पतली होती है और इस उत्तक की कोशिका भित्ति सैलूलोज की बनी होती है।

कॉलेन्काइमा (Cholenchyma) : कॉलेन्काइमा उत्तक की कोशिका भित्ति कोनों पर मोटी होती है।

स्कलेरेन्काइमा (Sclerenchyma) : स्कलेरेन्काइमा कोशिका की कोशिका भित्ति लिग्निन के कारण मोटी होती है और कोशिका के भीतर ज्यादा आंतरिक स्थान रिक्त नहीं होता।

प्रश्न5. रंध्र के क्या कार्य हैं?

उत्तर: रंध्र वायुमंडल में गैसों का आदान-प्रदान तथा वाष्योत्सर्जन के कार्य को संपन्न करवाती है।

प्रश्न6. तीन प्रकार के पीसीए रेशों के चित्र बनाकर अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर:

पीसीए (PCA) रेशे तीन प्रकार के होते हैं: रेखित (Striated), अरेखित (Non-striated), और कार्डिक (Cardiac) यहाँ इनकी विशेषताएँ और चित्रण द्वारा अंतर स्पष्ट किया गया है:

1. रेखित पेशी (Striated Muscle)

विशेषताएँ:

  • स्थान: हड्डियों से जुड़ी होती हैं (सकारात्मक या अंगों की मांसपेशियाँ)

  • कोशिकाएं: इनकी कोशिकाएं लंबी और सिलिंड्रिकल होती हैं।

  • रेखा: इन पेशियों में स्पष्ट धारी (striations) होती हैं।

  • कार्य: शरीर की विशिष्ट और सुसंगत गतिविधियाँ (जैसे चलना, दौड़ना)

2. अरेखित पेशी (Non-striated Muscle)

विशेषताएँ:

  • स्थान: आंतरिक अंगों जैसे मूत्र वाहिनी, आंख की पलक, और फेफड़ों की श्वसन नलिकाओं में पाई जाती हैं।

  • कोशिकाएं: कोशिकाएं लम्बी और ढीली होती हैं।

  • रेखा: इन पेशियों में कोई स्पष्ट धारी (striations) नहीं होती हैं।

  • कार्य: आंतरिक अंगों के संकुचन और प्रसार को नियंत्रित करती हैं।

3. कार्डिक (हृदयक) पेशी (Cardiac Muscle)

विशेषताएँ:

  • स्थान: हृदय में पाई जाती हैं।

  • कोशिकाएं: कोशिकाएं शाखायुक्त और ब्रांचिंग होती हैं।

  • रेखा: इन पेशियों में धारी (striations) होती हैं, लेकिन ये धारी रेखित पेशियों की तुलना में कम स्पष्ट होती हैं।

  • कार्य: हृदय की लयबद्ध धड़कन और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करती हैं।

प्रश्न7. कार्डिक (हृदयक) पेशी का विशेष कार्य क्या है?

उत्तर: हृदयक पेशियों के कार्य जीवन भर लयबद्ध होकर प्रसार तथा संकुचन करना है।

प्रश्न8: रेखित, अरेखित और कार्डिक (हृदयक) पेशियों में शरीर में स्थित कार्य और स्थान के आधार पर अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर: रेखित पेशी:

· ये पेशियां अधिकतर हड्डियों से जुड़ी होती हैं।

· ये पेशियां शरीर के विभिन्न अंगों जैसे हाथ और पैर में विद्यमान होती हैं।

· ये पेशियां शरीर के अंगों की गतियों को नियंत्रित करती हैं, जैसे चलना, उठाना आदि।

अरेखित पेशी:

· ये पेशियां मूत्र वाहिनी, आंख की पलक, और फेफड़े की श्वसन नलिकाओं में पाई जाती हैं।

· ये पेशियां प्रसार और संकुचन जैसी गतियों को नियंत्रित करती हैं, जैसे आंतरिक अंगों की गतिविधियाँ।

कार्डिक (हृदयक) पेशी:

· ये पेशियां हृदय में पाई जाती हैं।

· ये पेशियां जीवनभर लयबद्ध होकर प्रसार और संकुचन को नियंत्रित करती हैं, जिससे हृदय की धड़कन और रक्त प्रवाह होता है।

प्रश्न 9. न्यूरॉन का एक चिह्नित चित्र बनाएं।

प्रश्न10. निम्नलिखित के नाम लिखें:

(a) ऊतक जो मुँह के भीतरी अस्तर का निर्माण करता है।

(b) ऊतक जो मनुष्य में पेशियों को अस्थि से जोड़ता है।

(c) ऊतक जो पौधों में भोजन का संवहन करता है।

(d) ऊतक जो हमारे शरीर में वसा का संचय करता है।

(e) तरल आधात्री सहित संयोजी ऊतक।

(f) मस्तिष्क में स्थित ऊतक।

उत्तर:

(a) एपीथीलियम ऊतक

(b) पेशी ऊतक

(c) संवहन ऊतक

(d) वसामय ऊतक

(e) एरिओरलर संयोजी ऊतक

(f) तंत्रिका ऊतक

प्रश्न11. निम्नलिखित में ऊतक के प्रकार की पहचान करें: त्वचा, पौधे का वल्क, अस्थि, वृक्कीय नलिका अस्तर, संवहन बंडल।

उत्तर:

त्वचा - एपिथीलियम ऊतक

पौधे का वल्क - एक्लेरेन्काइमा ऊतक

अस्थि-संयोजी ऊतक

वृक्कीय नलिका अस्तर - शल्की एपिथीलियम

संवहन बंडल - संवहन ऊतक

प्रश्न12. पैरेन्काइमा ऊतक किस क्षेत्र में स्थित होते हैं?

उत्तर: पैरेन्काइमा ऊतक पत्ती तथा तने में पाया जाता है।

प्रश्न13. पौधों में एपिडर्मिस की कया भूमिका है?

उत्तर: एपिडर्मिस ऊतक पौधे में नीचे पर्णवृत में पाया जाता है। इस ऊतक की कोशिकाएँ जीवित, लंबी और अनियतिम ढंग से कोनों पर मोटी होती हैं। यह पौधों की प्रतिरोधी उत्तक हैं। यह पौधों को यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।

प्रश्न14. छाल (कॉर्क) किस प्रकार सुरक्षा ऊतक के रूप में कार्य करता है?

उत्तर: उत्तर: पेड़ों को सुरक्षा प्रदान करने वाली परत को छाल (कॉर्क) कहा जाता है। इनकी कोशिकाएं मृत होती है। वृक्ष की आयु बढ़ने के साथ-साथ उसके बाहा सुरक्षात्मक उत्तर को की परतें मोटी छाल का निर्माण करती है। इनकी बेटी पर सुबरी नामक रसायन होता है जो छालों को हवा एवं पानी के लिए अभेद्य बनाता है। जिसके कारण वृक्ष की सुरक्षा होती है।