Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ NCERT Solutions
NCERT Solutions class 9th chapter 1
Mohit Gautam
8/25/20241 min read


पाठ्यपुस्तक - प्रश्न : Page – 4
प्रश्न1।. निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ हैं:
कुर्सी, वायु, स्रेह, गंध, घृणा, बादाम, विचार, शीत शीतल पेय, इत्र की सुगंध।
उत्तर: कुर्सी, वायु, बादाम और शीतल पेय आदि पदार्थ हैं।
प्रश्न2. निम्नलिखित प्रेक्षण के कारण बताइए:
गर्मा-गरम खाने की गंध कई मीटर द्वर से ही आपके पास पहुँच जाती है लेकिन ठंडे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है।
उत्तर: पदार्थ के कण लगातार गति करते रहते हैं। तापमान बढ़ने से इनके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है और ये कण गतिज ऊर्जा बढ़ने से इनकी बीच की दुरी अर्थात कणों के बीच रिक्त स्थान बढ़ जाता है और फैलने लगते हैं यही कारण है कि गर्म खाने की महक ठंडे खाने की अपेक्षा तेजी से हमारे पास पहुंचता है।
प्रश्न3. स्विमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौन सा गुण प्रेक्षित होता है?
उत्तर: यह दर्शाता है कि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है वह ठोस नहीं है। यदि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान नहीं होता तो गोताखोर पानी को नहीं काट पाता।
प्रश्न4. पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती है
उत्तर: पदार्थ के कणों की निम्न विशेषताएँ होती है:
(i) पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है |
(i) पदार्थ के कण लगातार गतिशील होते हैं।
(1) पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
(४) पदार्थ के कारण अत्यंत छोटे होते हैं।
(४) पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
पाठ्यपुस्तक - प्रश्न: Page - 6
प्रश्न 1. किसी तत्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को घनत्व कहते हैं। (घनत्व = द्रव्यमान/आयतन) बढ़ते हुए घनत्व के क्रम में निम्नलिखित को व्यवस्थित करें -
वायु, चिमनी का धुआं, शहद, जल, चाक, रुई और लोहा।
उत्तर: बढ़ते हुए घनत्व का क्रम है :
वायु < चिमनी का धुआँ < रुई < पानी < शहद < चॉक < लोहा।
प्रश्न 2: पदार्थ की विभिन्र अवस्थाओं के गुणों में होने वाले अंतर को सारणीबद्ध कीजिये।
उत्तर:
· आकार:
ठोस का आकार निश्चित होता है।
द्रव का आकार निश्चित नहीं होता।
गैस का आकार निश्चित नहीं होता।
· आयतन:
ठोस का आयतन निश्चित होता है।
द्रव का आयतन निश्चित होता है।
गैस का आयतन निश्चित नहीं होता।
· घनत्व:
ठोस का घनत्व अधिक होता है।
द्रव का घनत्व गैसों से अधिक होता है, लेकिन ठोसों से कम होता है।
गैस का घनत्व बहुत कम होता है।
· कठोरता:
ठोस कठोर होते हैं।
द्रव कठोर नहीं होते हैं।
गैस कठोर नहीं होती है।
· अंतराणुक बल:
ठोस के कणों में अंतराणुक बल बहुत अधिक होता है।
द्रव के कणों में अंतराणुक बल गैसों से अधिक होता है।
गैस के कणों में अंतराणुक बल नगण्य होता है।
· विसरण:
ठोस के कणों में विसरण नगण्य होता है।
द्रव के कणों में विसरण गैसों की अपेक्षा कम होता है।
गैस के कणों में विसरण बहुत अधिक होता है।
· संपीडनीयता:
ठोस को संपीड़ित नहीं किया जा सकता।
द्रव को संपीड़ित नहीं किया जा सकता।
गैस को संपीड़ित किया जा सकता है।
· गतिज ऊर्जा:
ठोस के कणों में बहुत कम गतिज ऊर्जा होती है।
द्रव के कणों में कुछ गतिज ऊर्जा होती है।
गैस के कणों में बहुत अधिक गतिज ऊर्जा होती है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए: दृढ़ता, संपीड्यता, तरलता, बर्तन में गैस का भरना, आकार, गतिज ऊर्जा, एवं घनत्व।
उत्तर:
1. दृढ़ता: दृढ़ता का अर्थ है ठोस पदार्थ की वह विशेषता, जिससे किसी बल लगाने पर उसकी आकृति में कोई बदलाव न आए। ठोस पदार्थ सबसे अधिक दृढ़ होते हैं क्योंकि उनके कणों के बीच रिक्त स्थान सबसे कम होता है।
2. संपीड्यता: संपीड्यता गैसों में अधिकतम होती है क्योंकि गैसों के अणुओं के बीच अधिक रिक्त स्थान होता है, जिससे उन्हें आसानी से दबाया जा सकता है। हालांकि, ठोस और तरल पदार्थों के कणों के बीच दूरी कम होती है, इसलिए उनमें संपीड्यता नगण्य होती है और इन्हें आसानी से दबाया नहीं जा सकता।
3. तरलता: तरलता वह गुण है जिसके कारण पदार्थ आसानी से बह सकता है। तरलता की मात्रा ठोस में नगण्य, गैसों में अधिकतम, और द्रवों में मध्यम होती है।
4. बर्तन में गैस का भरना: गैसों के कणों के बीच रिक्त स्थान अधिक होता है, इसलिए गैसें अपने धारक को पूर्णतः भर देती हैं और अपने धारक का आकार और आयतन धारण कर लेती हैं।
5. गतिज ऊर्जा: अणुओं की गतिज ऊर्जा ठोस पदार्थों में सबसे कम, द्रवों में अधिक, और गैसों में सबसे अधिक होती है।
6. घनत्व: ठोस पदार्थों का घनत्व अधिक होता है, द्रवों में औसत होता है, और गैसों का घनत्व न्यूनतम होता है।
प्रश्न 4: कारण बताएँ-
(1) गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है, जिसमें इसे रखते हैं।
(2) गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।
(3) लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।
(4) हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं, लेकिन एक ठोस लकड़ी के टुकड़े में हाथ चलने के लिए हमें कराटे में दक्ष होना पड़ेगा।
उत्तर:
(1) गैस पूरी तरह से उस बर्तन को भर देती है जिसमें उसे रखते हैं क्योंकि गैसों के अणुओं के बीच आकर्षण बल बहुत कम होता है जिसके कारण उनमें रिक्त स्थान अधिक हो जाता है और गतिज ऊर्जा तीव्र होने के कारण गैस बर्तन को पूरी तरह से भर देती है।
(2) गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है क्योंकि अत्यधिक गतिज ऊर्जा के कारण गैस के अणु बर्तन की दीवारों से टकराते रहते है जिसके कारण बर्तन की दीवारों पर दबाव पड़ता है।
(3) लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है क्योंकि इसका आकर और आयतन निश्चित होता है क्योंकि इसके अणुओं के बीच आकर्षण बल अधिक होता है।
(4) हवा या गैसों के अणुओ के बीच आकर्षण बल नगण्य होता है। जबकि ठोस के अणुओ के बीच आकर्षण बल अधिकतम होने के कारण हमें उन्हें काट पाना आसान नहीं होता।
प्रश्न 4: सामान्यता ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है। लेकिन आपने बर्फ के टुकड़े को जल में तैरते हुए देखा होगा। पता लगाइए ऐसा क्यों होता है?
उत्तर: क्योंकि बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम होता है। जल से कम घनत्व होने के कारण ही बर्फ का टुकड़ा जल में तैरता है।
पाठ्यपुस्तक - प्रश्न: Page- 9
प्रश्न 1: निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस में बदलें ।
(a) 300 K
(b) 573 K
उत्तर:
(a) 300 K को °C में बदलना:
सेल्सियस ताप = केल्विन ताप - 273
=300-273=27°C
b) 573 K को °C में बदलना:
सेल्सियस ताप = केल्विन ताप - 273
=573 - 273 =300°C
प्रश्न 2: निम्नलिखित तापमान पर जल की भौतिक अवस्था क्या होगी?
(a)250°C
(b) 100°C
उत्तर: (a) 250 °C ताप पर वाष्पित हो जाता है।
(b) 100% ताप पर जल-वाष्प दोनों अवस्था में होगा।
प्रश्न 3: किसी भी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर क्यों रहता है?
उत्तर: पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान दी गयी ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा), पदार्थ के कणों की बीच आणविक बन्दनों को तोड़ने में खर्च हो जाती है। इसलिए वह तापमान नहीं बना पाती।
प्रश्न4: वायुमंडलीय गैसों को द्रव में परिवर्तन करने के लिए कोई विधि सुझाइए?
उत्तर: वायुमंडलीय गैसों को द्रव अवस्था में बदलने के लिए दो तरीके प्रयोग किये जाते है:
1. गैसों के अणुओ पर दबाव बढा देना ताकि वे अधिक पास आ सकें।
2. गैसों का तापमान कम करना ताकि उनकी गतिज ऊर्जा कम हो जाये ताकि वे पास-पास होकर द्रव में बदल जाये।
अभ्यास - हमारे आस पास के पदार्थ प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1: निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस इकाई में परिवर्तित करें:
(a) 293 K
(b) 470K
उत्तर: (a) 293K
सेल्सियस ताप = केल्विन ताप - 273
न 293- 273
=20°C
(b) 470K
सेल्सियस ताप = केल्विन ताप - 273
=470-273
=197°C
प्रश्न 2: निम्नलिखित तापमान को केल्विन इकाई में परिवर्तित करें:
(a) 25°C
(b)373°C
उत्तर:
(a)25°C
केल्विन ताप = सेल्सियस ताप + 273
=25 + 273 = 298K
(b)373°C
केल्विन ताप = सेल्सियस ताप+273
= 373+273
= 646K
प्रश्न 3: निम्नलिखित अवलोकनों हेतु कारण लिखें:
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती।
(b) हमें इत्र की गंध बहुत द्वर बैठे हुए भी पहुंच जाती है।
उत्तर: (a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती, क्योंकि नैफ्थलीन एक ऊर्ध्वपातन सील पदार्थ है जिसका समय के साथ ऊर्ध्वपतन हो जाता है और यह सीधे ठोस अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
(b) हमें इत्र की गंध बहुत टूर बेठे भी पहुंच जाती है क्योंकि इत्र का क्थनांक बहुत कम होता है और इसमें
वाष्पीकरण की दर बहुत अधिक होती है और यह आसानी से वायु में विसरित हो जाती है। अतः इसकी गन्ध बहुत ट्रर बैठे रहने पर भी हमारे पास पहुंच जाती है।
प्रश्न 4: निम्नलिखित पदार्थों को उनके कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण के अनुसार व्यवस्थित करें:
(a) जल
(b) चीनी
(c) ऑक्सीजन
उत्तर: कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण के अनुसार व्यवस्था :
ऑक्सीजन < जल < चीनी
प्रश्न 5: निम्नलिखित तापमानों पर जल की भौतिक अवस्था क्या है?
(a) 25°C
(b) 0°C
(c) 100°C
उत्तर: (a) 25°C पर जल की भौतिक अवस्था: द्रव
(b) 0°C पर जल की भौतिक अवस्था: ठोस
(c) 100°C पर जल की भौतिक अवस्था: गैस
प्रश्न 6: पुष्टि हेतु कारण दें-
(a) जल कमरे के ताप पर द्रव है।
(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है।
उत्तर: (a) जल कमरे के ताप पर द्रव है क्योंकि कणों के बीच आकर्षण बल कम होता है जिसके कारण इसमें बहने का गुण होता है और यह जिस बर्तन में डाला जाए उसी का आकर ग्रहण कर लेता है।
(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है क्योंकि इसके कणों के बीच आकर्षण बल अधिक होता है जिसके कारण इसमें दृढंता का गुण है तथा इसका आकर निश्चित होता है।
प्रश्न 7: 273 K पर बर्फ को ठंडा करने पर तथा जल को इसी तापमान पर ठंडा करने पर शीतलता का प्रभाव अधिक क्यों होता है?
उत्तर: बर्फ की गुप्त ऊष्मा अधिक होने के कारण उसी तापमान पर जल की अपेक्षा अधिक शीतलता का प्रभाव देती है।
प्रश्न 8: उबलते हुए जल अथवा भाप में से जलने की तीव्रता किसमें अधिक महसूस होती है?
उत्तर : भाप में वाष्पन की गुप्त ऊष्मा अधिक होने के कारण उबलते जल की अपेक्षा जलने की तीव्रता अधिक महसूस होती है।
प्रश्न 9: निम्नलिखित चित्र के लिए A, B, C, D, E तथा F की अवस्था परिवर्तन को नामांकित करे:
उत्तर:
a: द्रवण
b: वाष्पन
c: संघनन
d: जमना या हिमीकरण
e: ऊर्ध्वपातन
f: ऊर्ध्वपातन__
